दोस्तों, हम सभी को कभी ना कभी अपने जीवन में पेट दर्द हुआ है और हो सकता है ये वीडियो देखने वाले कई लोग ऐसे हो जिन्हें लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत हो. पेट दर्द ऐसी स्तिथि है जो जीवन असहनीय बना देती है. यहाँ तक कि हॉस्पिटल की इमरजेंसी में भी वे मरीज़ ज़्यादा देखे जाते हैं जिन्हें पेट दर्द होता है. आपने कभी सोचा है कि आख़िर पेट दर्द क्यों हो रहा है? पेट दर्द किन कारणों से हो सकता है? और जब आप डॉक्टर के पास चेक अप के लिए जाते हैं तब डॉक्टर आपसे क्यूँ इतने सवाल पूछते हैं? और किस तरह पेट दर्द का diagnosis किया जाता है?  तो आइए दोस्तों, आज के इस वीडियो में हम बात करते हैं- पेट दर्द के बारे में और उसके कारणों के बारे में और उसके diagnosis के बारे में. नमस्कार दोस्तों, मैं डॉक्टर ऋषभ शर्मा, thydoc हेल्थ पे आपका स्वागत करता हूँ. thydoc health आपको scientifically backed सही और ज़रूरी मेडिकल एजुकेशन आसान शब्दों में देने के लिए प्रतिबद्ध है और  आगे भी ऐसी ज़रूरी मेडिकल जानकारी प्राप्त करने के लिये आप हमारे  चैनल को subscribe करें और ये वीडियो अपने दोस्तों और परिवार में ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें.

दोस्तों, पेट का मतलब है पसलियों से ले कर pubic bone तक. और पेट दर्द का मतलब है पेट की सतह से ले कर अंदर तक कहीं भी दर्द होना. सतह यानी स्किन उसके नीचे मांसपेशियाँ और उसके अंदर visceral organs.दोस्तों, पेट दर्द का कारण हर उम्र वर्ग में और महिलाओं और पुरुषों में अलग अलग होता है. सबसे पहले हम ऐसे कॉमन कारणों की बात करते है जिसकी वजह से महिलायें हो या पुरुष किसी को भी हो सकता है और किसी भी उम्र में हो सकता है. ध्यान देने वाली बात ये है दोस्तों, की पेट दर्द तो एक लक्षण है और इसके कारणों के अनुसार, और भी बहुत सारे लक्षण इसके साथ मरीज़ को हो सकते है जिनके बारे में हम कारणों के साथ बात करते जाएँगे. ये कॉमन कारण है पेट में जलन या एसिडिटि जहां मरीज़ को पेट या सीने में जलन हो सकती है और पेट का ख़ाना भोजन कि नली में या मुँह में भी आ सकता है, पेट में गैस या ब्लोटिंग जहां आपका पेट भी फूल सकता है या पेट में आफ़रा भी आ सकता है, एक बार में ज़्यादा ख़ाना खा लेना, ज़्यादा कच्चा खाना खा लेना, ठीक से पका हुआ खाना ना खाना, gastroenteritis या पेट और आँतों का इन्फेक्शन जहां साथ में उल्टी, दस्त, बुख़ार जैसे लक्षण भी हो सकते हैं, कब्ज, दस्त और दस्त के साथ लैट्रिन में खून भी आ सकता है , irritable bowel syndrome या ibs जहां आपको स्ट्रेस से या फिर कुछ particular food item खाने के बाद पेट दर्द, मरोड़ और दस्त हो सकते हैं, appendicitis, intestinal obstruction या आँतों में रूकावट जहां मरीज़ को बहुत दिनों से लैट्रिन नहीं लगी होती है. इसके अलावा पेट में कोई चोट लगने से भी पेट दर्द होना स्वाभाविक है. 

दोस्तों! क्या आपने सोचा है की आख़िर पेट दर्द होता क्यों है? 

अगर हम पेट की ऊपर की स्किन के बारे में बात करें तो  पेट की स्किन पर किसी चोट या घाव की वजह से दर्द हो सकता है या फिर herpes zoster जैसे वायरस के इन्फेक्शन की वजह से जहां त्वचा पर पानी से भरे फफोले हो जाते हैं, इस वजह से दर्द हो सकता है. किसी चोट की वजह से या वजन उठाने की वजह से या जिम में ज़्यादा एक्सरसाइज करने की वजह से भी पेट की मांसपेशियाँ खींच सकती है और पेट दर्द हो सकता है. और पेट के अंदर दर्द होने का कारण अलग है. दोस्तों, पेट में जो pain के लिए receptors होते हैं वह दो तरह के trigger या stimuli से respond करते हैं पहला है mechanical stimuli और दूसरा है chemical stimuli. mechanical stimuli यानी अगर पेट के किसी भी अंग में किसी भी तरह का खिंचाव, घुमाव, जलन, मरोड़, चोट  या घाव होता है तो ये receptors एक्टिवेट हो जाते हैं और दर्द होता है. जो हमारे खोखले अंग हॉलो अंग है जैसे कि पेट आँत पेशाब कि थैली बच्चेदानी आदि इनमें अलग तरह के receptors होते हैं जो कुछ mechanical और chemical stimuli से activate होते हैं. इसलिए आपको पेट दर्द होता है. और आप डॉक्टर के पास जाते है और डॉक्टर आपसे कई सवाल पूछते है आपकी हिस्ट्री लेते हैं और ख़ुद डॉक्टर आपका एग्जामिनेशन करते हैं जिससे एक clinical diagnosis बनाया जाता है जिसे फिर दूसरी जाँचों से confirm किया जाता है जैसे कि कुछ ब्लड टेस्ट , sonography, सी टी स्कैन. 

जब पहले डॉक्टर आपकी history लेते है की आपको दर्द पेट में किस जगह हो रहा है. आपको पेट पर उस जगह उँगली रख के बताने के लिए कहते हैं, क्योंकि पेट को नौ भागों में बाटा गया है और हर भाग में अलग अलग organ होते हैं. और इससे पता चलता है की किस अंग की बीमारी है. जैसे पेट के ऊपरी भाग में बीच के भाग को epigastrium कहते हैं और उसके दोनों तरह राइट और लेफ्ट hypochondrium. बीच के पेट के हिस्से में बीच में नाभि वाली जगह को umbilical area और इसके दोनों तरफ़ राइट और लेफ्ट lumbar region. सबसे निचले हिस्से के पेट में बीच वाले भाग को hypogastrium कहते हैं और उसके दोनों तरफ़ राइट और लेफ्ट iliac fossa होता है. दर्द कहाँ शुरू हुआ और क्या वहीं रहा या फिर होते होते दूसरी जगह radiate हो गया. फिर आपसे ये पूछा जाता है की पेट दर्द किस तरह का दर्द है, जलन, हल्का दर्द, मरोड़ या काटने जैसा या दुखने जैसा. दर्द में राहत कैसे मिली? कोई दवा लेने से, कुछ खाने से, कुछ पीने से, करवट लेने से, बैठने से, लेटने से. कई दर्द होते है जो भूखे पेट होते हैं जबकि कई दर्द कुछ खाने के बाद होते हैं. कई बार पेट दर्द fatty फ़ूड खाने के बाद होता है?  दर्द हल्का हल्का हो रहा है या समय के साथ बढ़ा और फिर असहनीय हो गया और तुरंत अस्पताल आना पड़ा. पेट दर्द के साथ और क्या लक्षण आपको आये? बुख़ार, उल्टी, दस्त? क्या पिछले कुछ दिनों में आपने बाहर खाना खाया? किसी शादी या फंक्शन में कुछ खाया? क्या आपने कोई नयी चीज़ खायी? क्या आप को पिछले कुछ दिनों में viral हुआ? क्योंकि कई बार वायरल के बाद भी पेट दर्द हो सकता है. महिलाओं में history में period की नियमितता और bleeding के बारे में भी पूछा जाता है.

पेट दर्द acute है या chronic इसके बारे में भी आपकी history से अंदाज़ा लगाया जाता है. यानी अगर अचानक पेट दर्द शुरू हुआ है तो वह acute कहलायेगा और अगर हल्का हल्का पेट दर्द आपको लंबे समय से होता आ रहा है यानी कभी दो दिन दर्द हुआ आपने दवा ली, ठीक हो गया. फिर तीन चार दिन बाद दर्द होने लगा. ऐसा लंबे समय से चला आ रहा है तो इसे chronic pain कहा जाएगा. अब जानते हैं कि पेट के किस भाग में दर्द किस कारण से हो सकता है. जैसे की अगर आपको epigastrium में दर्द है तो वह पेट में जलन या acidity, gastritis, peptic ulcer, gerd, epigastric hernia जैसी बीमारियों की वजह से हो सकता है. और अक्सर इस दर्द का खाने से संबंध होता है. पेट के इस भाग में दर्द pancreatitis की वजह से भी हो सकता है और gastric perforation की वजह से भी जो की एक emergency situation है. Rights  hypochondrium में अगर आपको दर्द है तो ये दर्द पित्त की थैली की पथरी का दर्द हो सकता है या फिर लिवर abscess या लिवर के infection या liver cirrhosis या लिवर cancer या hepatitis की वजह से इस भाग में दर्द हो सकता है. इस भाग में दर्द का कारण cholangitis यानी पीथ की नली की सूजन भी हो सकता है. वहीं left hypochondrium में दर्द spleen या तिल्ली की चोट की वजह से हो सकता है या फिर तिल्ली के infection या तिल्ली के बढ़ने की वजह से या फिर तिल्ली के rupture की वजह से भी हो सकता है. इसी भाग में pancreatitis का दर्द भी उठ सकता है.

umbilical region में दर्द का कारण हो सकता है पेट या आँतों  का इन्फेक्शन, food poisoning,या हर्निया का दर्द. पर इसी भाग में दर्द कई बार जानलेवा हो सकता है जोकि abdominal aortic aneurysm के फट जाने की वजह से हो जाता है जहां शरीर की बड़ी blood vessel एक जगह से फूल जाती है और फट भी सकती है. right और left lumbar region में दर्द का कारण अक्सर किडनी से संबंधित होता है. uti या urinary tract infection, pyelonephritis, kidney stone, ureteric stone और ureteric colic. पर बड़ी आँत के इन्फेक्शन की वजह से भी इन भागों में दर्द हो सकता है जिसे मेडिकल भाषा में colitis कहते हैं. hypogastrium में दर्द पेशाब की थैली की सूजन की वजह से हो सकता है या फिर महिलाओं में period cramps, pelvic inflammatory disease, endometriosis, adenomyosis, ectopic pregnancy,  जैसी बीमारियों की वजह से दर्द हो सकता है. right iliac fossa में दर्द का सबसे common कारण है appendicitis. इसके अलावा colitisऔर महिलाओं में tubo ovarian abscess, ovarian cyst और ovarian torsion वही left iliac fossa में अक्सर दर्द होता है colitis या diverticulitis की वजह से या कब्ज की वजह से या आँतों में रुकावट की वजह से या आँतों के कैंसर की वजह से. वहीं इस भाग में महिलाओं को पेट दर्द हो सकता है अंडाशय या ovary की गाँठ की वजह से या ovarian torsion की वजह से या फिर tubo ovarian abscess की वजह से जहां अंडाशय और fallopian ट्यूब के आसपास इन्फेक्शन की वजह से pus इकट्ठा हो जाती है. तो देखा दोस्तों, पेट दर्द के कितने कारण है और क्यों आपसे डॉक्टर इतने सवाल पूछते हैं क्योंकि इससे डॉक्टर को एक rough idea हो जाता है कि पेट दर्द का क्या  कारण है और किस अंग में बीमारी है, जिससे उस अंग से जुड़ी जाँचें करवा कर इस diagnosis को confirm किया जाता है और उसी अनुसार फिर इलाज़ किया जाता है. 

 

दोस्तों पेट में दर्द, अलसर, सूजन का एक कॉमन कारण है h pylori नाम के बैक्टीरिया का पेट में  इन्फेक्शन, अगर आप जानना चाहते हैं क्या हे h pylori का इलाज , कैसे इस बीमारी का पता लगाया जाता हैं  तो आप राइट में डाई वीडियो पर क्लिक करें